कुछ कशिश सी दरमियान हो जाए
तेरी मेरी दास्तान हो जाए
बहुत होंगे तेरे आशिक लेकिन
हमारा भी इम्तिहान हो जाए
इस तरह मिल के नींद ना टूटे
और हक़ीकत अरमान हो जाए
तेरे नूरसे आफ़ताब छिप जाए
तू चाँद हम आसमान हो जाए
दिल रक्खा हैं निशाने पे हमने
जो तू तीर-ओ-कमान हो जाए

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